सत्य, न्याय, नीति और मातृशक्ति की सुरक्षा, शिवाजी के हिंदवी स्वराज की मूल अवधारणा है: दीपक विस्पुते!
श्री शिवाजी रायगढ़ स्मारक मंडल, पुणे और अर्चना प्रकाशन, भोपाल द्वारा आयोजित, श्री गिरीश अवधूत जोशी द्वारा लिखित पुस्तक अनादी समर के विमोचन कार्यक्रम में समर्थ भारत की आधारशिला हिंदवी साम्राज्य विषय पर बोलते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख दीपक विस्पुते ने कहा कि शिवाजी महाराज की कार्यशैली शासन, सुशासन पारदर्शिता जवाबदेही और जनमानस के जीवन स्तर का उत्थान का रहा। श्री विस्पुते ने अपने पूरे उद्बोधन में शिवाजी के जन्म से लेकर भारत के स्वतंत्रता तक के पूरे कालखंड का वर्णन किया। उन्होंने देश की वर्तमान भौगोलिक बनावट को शिवाजी महाराज की उस हिंदवी स्वराज्य की कल्पना से जोड़ा। उन्होंने कहा कि स्वधर्म, स्वदेशी, स्वराज हमारी स्वाधीनता का मूल मंत्र है। यह शिवाजी महाराज की दूर दृष्टि का परिणाम ही है कि आज हम इतना विशाल एक भारत देख रहे हैं।


अनादि समर पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में पुणे से पधारे श्री विक्रम सिंह मोहिते ने कहा कि शिवाजी का इतिहास, केवल मराठा या मराठी का इतिहास ना होकर यह भारत का इतिहास है। हिंदवी स्वराज्य की स्थापना में उन 180 वर्षों का जो योगदान है वह भारत के इतिहास का एक टर्निंग पॉइंट है। शिवाजी की युद्ध नीति को लेकर श्री मोहिते ने कहा कि राज्याभिषेक के तुरंत बाद 1676 से 78 के बीच शिवाजी ने दक्षिण का अभियान किया था। उसके बाद शिवाजी महाराज की योजना के तहत छत्रपति शाहूजी महाराज और बाजीराव पेशवा की अगली मुहिम नर्मदा के ऊपर यानी उत्तर भारत में अटक से कटक तक का शासन की रही। कार्यक्रम के अध्यक्ष, कर सलाहकार एवं सत्यसाई विद्यालय संस्थान के प्रमुख त्रिभुवन सचदेव ने की। उन्होंने शिवाजी महाराज की संकल्पना और शिक्षा विचार रखें। पुणे के श्री शिवाजी रायगढ़ स्मारक मंडल और अर्चना प्रकाशन भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में इंदौर में "समर्थ भारत की आधारशिला हिंदवी स्वराज" विषय पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख दीपक जी के व्याख्यान का आयोजन
सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल सभागृह में हुआ
इस अवसर पर माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव गिरीश जोशी की लिखी पुस्तक "अनादि समर" विमोचन भी किया गया। हिंदवी साम्राज्य पर लिखी तीन पुस्तकों का परिचय दिया गया। जिनका विमोचन कुछ वर्षों पहले नई दिल्ली में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने किया था ।