मौसम ने ली करवट, तेज आंधी-बारिश से फसलों पर खतरा
राजस्थान में मौसम का यू-टर्न: 21 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, भीषण गर्मी के बीच राहत और आफत का डबल अटैक
जयपुर। तपती गर्मी और लू के थपेड़ों से जूझ रहे राजस्थान में मौसम ने अचानक करवट बदली है। मौसम विभाग ने प्रदेश के बड़े हिस्से में 6 मई तक तेज अंधड़, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया है। जहाँ इस बदलाव से आम जनता को चिलचिलाती धूप से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं खेतों में खड़ी फसलों को लेकर किसान चिंतित हैं।
इन जिलों के लिए चेतावनी जारी
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण राज्य के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में मौसम बिगड़ेगा:
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पूर्वी राजस्थान: जयपुर, अजमेर, अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, झुंझुनू, करौली, सवाई माधोपुर, सीकर और टोंक।
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पश्चिमी राजस्थान: बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जोधपुर, नागौर, फलौदी और श्रीगंगानगर। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं (अंधड़) के साथ हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा होने का अनुमान है।
पारे का गणित: गर्मी अब भी दे रही चुनौती
भले ही कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और बूंदाबांदी से तापमान में मामूली गिरावट आई है, लेकिन लू का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
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सर्वाधिक तापमान: बाड़मेर में पारा 44.6 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है।
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औसत तापमान: अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान अभी भी 40 से 44 डिग्री के बीच बना हुआ है।
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव और लू से राहत
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने से अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री तक की कमी आ सकती है। इससे अगले दो-तीन दिनों तक लू की तीव्रता कम होने की संभावना है।
किसानों की बढ़ी धड़कनें
मौसम में यह अस्थिरता किसानों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। आंधी और बेमौसम बारिश के कारण खेतों में तैयार खड़ी फसलों और मंडियों में खुले में रखे अनाज को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। कृषि विभाग ने किसानों को अपनी उपज सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है।